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हाइकू….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…. 

नील गगन महबूब आँगन चाँद दीदार आकाश गंगा अनगिनत तारे तेरी चुन्नरी कोयल कूके मकसद इसका प्यार की बोली दिल समझे बिना लिपि ज्ञान की नैनों की भाषा मंदिर …

आतंकवाद ( हाइकु )

आतंकवाद मानवताविहीन चैतन्यहीन । खुश हैं गिद्ध आतंक चहुंओर शव ही शव । विलाप अश्रु हृदयविदारक घायलमन । तेल की आग शीर्ष का षडयंत्र अर्थ का मंत्र । दिशा …

सावन……………(हाइकु )

सावन आया रिमझिम बरसे प्रेम फुहार !! पपीहा बोले नाचे मयूर दल कोयल कूके !! मेघा गरजे बिजुरिया कड़के दहले मन !! मंद पवन संग बहे बयार झूमे दरखत …

ग्रीष्म कालीन अवकाश

ग्रीष्म कालीन अवकाश ग्रीष्म कालीन अवकाश प्रारम्भ स्कूलों में छुट्टी।। पढाई बंद खेलकूद के दिन बच्चे प्रसन्न ।। सैर को जाये पिकनिक मनाये मौज उड़ाये ।। दिनों के बाद …

आया बसंत……..

आया बसंत फूल खिलने लगे पतझड़ में !! मीठी सी धूप अमवा पे बहार बौर आने की !! खेतो में सजे कच्ची पक्की फसल बालियाँ झूमे !! सरसों पर …

निखारो तुम-हाइकू

राह तकें हैं चूड़ी झुमके लाली बिंदी पायल । पहरेदार प्रेम के विरह मे पाषाण से हैं । चाँद सताए सितारों की लड़ियां अंगार सी हैं। बिखरी लटें उलझी …

विनीत मन -हाइकू

घर आओगे उसने पूछा नहीं कुछ बात है। गुमसुम सी केश खुले-बिखरे हां नाराज़ है। स्नेह की कली विरह के नभ की धूप में खिली। मुरझाई सी ह्रदय से …

बेटी बनी मै ( हाइकु )

बेटी बनी मै मेरा कसूर क्या था कोख मे मारा !! ************************ अबला सही तेरी नौका की बनी मै पतवार !! ************************ मुझ से तेरा वंश चलेगा होगा रोशन …

राम शरण महर्जन की हाइकु-4

हाइकु *-*-*-* उड़ती पंछी मृत्यु – बड़ा ही प्यारा क्या निशाना है |१| सुँघते फूल लुटाकर यौवन बात दोनों की |२| उड़ते पत्तों क्या है अप्ने ठिकाने ईश्वर जाने …