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ज़ारी रहा मेरा…

मंज़िले मिलती रहीं लेकिन सफ़र ज़ारी रहा मेरा, हुए मुख्तलिफ-ए-राह-ए-गुज़र लेकिन खबर जारी रहा मेरा… मुकम्मल ख़्वाब न हो शायद ये भी महसूस होता है उम्मीद-ए-कारवाँ पे लेकिन नज़र …

बताओ मुझे – आशीष अवस्थी

  दीवाना मैं हूं कौन है दीवानी बताओ मुझे लिख रहा हूं किसकी कहानी बताओ मुझे बहोत तेज़ बज रहे हैं घुंघरू तवायफों के बर्बाद हुई है किसकी जवानी …