Tag: गीत

गंवारा नहीं – डी के निवातिया

गंवारा नहीं *** जाज़िब आब-ए-आईना है हम, कोई आवारा नहीं, हुस्न करे नज़रअंदाज़ कोई ये हमको गंवारा नहीं । मिल गए है ख़ाक में हूर-ऐ-जन्नत जाने कितने, लेकर अपनी …

छुप-छुप के – डी के निवातिया

छुप-छुप के *** ये जो छुप-छुप के नज़रे मिलाई जा रही है, जरूर कोई नई साज़िश रचाई जा रही है ! ! ये इश्क का मसला भी सियासत सा …

होली – डी के निवातिया

शीर्षक :- मैं होली कैसे खेलूँ रचनाकार:- डी के निवातिया ! विषय : – होली कोई रंग न मोहे भाये, मोरा दिल चैन न पाएं मै होली कैसे खेलूँ, …

आज की नारी – डी के निवातिया

आज की नारी *** घूँघट त्याग, नज़र से नज़र मिलाने लगी है, नारी शक्ति अपनी ताकत दिखाने लगी है !! घुट-घुट के जीना बीते दिनों की बात हुई, खुलकर …

” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी )

साहित्य प्रेमियों के लिए ख़ुशी की बात है की साहित्य समूह के कुछ सदस्यों ने एक साथ मिलकर एक पुस्तक ” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी ) का सफल …

ये सरदी का मौसम – शिशिर मधुकर (प्रणय गीत )

ये सरदी का मौसम ये ठण्डी हवाएं चल आ मुहब्बत को फिर से निभाएं तुम जो करम अपना मुझ पे करोगी मेरा दिल ये तुमको ही देगा दुआएं नहीं …

नज़ारा – डी के निवातिया

नज़ारा *** कुछ इस तरह मुझ से किनारा कर लिया ! मेरे अपनों ने घर-बसर न्यारा कर लिया !! समझता रहा जिन्हे ताउम्र मै खुद का हमदर्द ! फूलों …

कौन ढलना चाहे – डी के निवातिया

कौन ढलना चाहे ********** है भला कौन मुसाफिर राह में जो संग चलना चाहे हर कोई चाहे नया रंग , मेरे रंग कौन ढलना चाहे !! हर किसी को …

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल – अनु महेश्वरी 

कान्हा कान्हा पुकारे ये दिल रे, अपने भक्तो से आकर मिल ले। रात दिन लगी तेरी ही धुन रे, भक्तो की पुकार अब सुन ले, तुम दर्श आकर दिखा …

बाबा हम शिरडी आये

बाबा हम शिरडी आये, तेरे दर्शन करने साईं-साईं जपते-जपते, कष्ट लगे हैं मिटने बाबा हम शिरडी आये….. दूर-दूर से लोग हैं आते, अपनी व्यथा सुनाते बस्ती-बस्ती, पर्वत-पर्वत, तेरे ही …

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है

तू मेरा साईं, तू मेरा राम है। तेरी पूजा निसदिन मेरा काम है।। हो…..हो…..हो….. नहीं तुझसे बड़ा है संत कोई…. और गुरु कोई…. तेरी भक्ति, तेरी शक्ति, जीवन का …

गीत : बाद जिंदगी यूँही ढल जाएगी

बाद जिंदगी यूँही ढल जायेगी….. बिना हरि नाम के जीने वालो, जाम मद मोह, का पीने वालों, जाप हरि नाम का करके देखो, जाम हरि नाम का पीकर देखो, …

दीवाना – डी के निवातिया

दीवाना ___ मै दीवाना, तेरी कातिल अदाओ पे मरने आ गया लुटां के जां इस जुर्म का जुर्माना भरने आ गया !! मुहब्बत करते देख जमाने को बाते बहुत …

तुम न समझे – डी के निवातिया

  तुम न समझे *** बहुत बुझाई पहेलियाँ, मगर कोई सवाल तुम न समझे ! समझ गई दुनिया सारी कितने हुए बवाल तुम न समझे !! टूट गए हम …

प्रीत के फेरे – शिशिर मधुकर

तुम्हें दिल दे दिया मैंने नहीं कुछ पास अब मेरे मेरी साँसों की खुशबू बस चुकी है साँसों में तेरे दूरियां अब कभी हमको परेशां कर न पाएंगी हवाएं …

काहे भरमाये — डी के निवातिया

काहे भरमाये *** काहे भरमाये, बन्दे काहे भरमाये नवयुग का ये मेला है बस कुछ पल का खेला है आनी जानी दुनिया के रंग मंच पे नहीं तू अकेला …

यशोदा तेरा ललन बड़ा निराला – डी के निवातिया

यशोदा तेरा ललन बड़ा निराला *** हलधर का भाई, नन्द का लाला, यशोदा तेरा ललन बड़ा निराला, बड़ा निराला, मैया बड़ा निराला, यशोदा तेरा ललन बड़ा निराला !! कमर …

कुछ यादें बीते साल की – सोनू सहगम –

-: कुछ यादें बीते साल की :- कुछ यादें बीते साल की, नये साल में बहुत याद आयेगी कुछ यादें माना आँखें करेंगी नाम कुछ यादें चहरे पर मुस्कान …

मैं सैनिक हूँ

मैं सैनिक हूँ मैं जगता हूँ रातभर चौकस निगाहें गड़ाए हुए उस जगह जहाँ अगली सुबह देख पाऊं इसमे भी संशय है उसके लिए जो अभी अभी छाती से …