Tag: Gazal by salim raza rewa

सलीम रज़ा रीवा की 20 ग़ज़लें – salimraza rewa

ज़िंदगी का सहारा मिले ना मिले साथ मुझको तुम्हारा मिले ना मिले oo आजा तुझको गले से लगा लू सनम इतनी फ़ुरसत दुबारा मिले ना मिले oo नीद में …

चांदनी है या कोई मोतियों की माला है – SALIM RAZA REWA : GAZAL

.. चांदनी है या कोई मोतियों की माला है मेरे घर के आंगन में तुमसे ही उजाला है .. उसकी ही हुक़ुमत है उस का बोल बाला है जिसके …

ग़ज़ल : हुस्न-ए-जाना लब की लाली – सलीम रज़ा रीवा

.. हुस्न-ए-जाना लब की लाली रंग धानी फिर कहाँ वो नहीं तो ग़ुंचा-ओ -गुल रात रानी फिर कहाँ .. दोस्तों संग खेलना छुपना दरख़्तों के तले वो सुहानें पल …