Tag: Gazal by salim raza rewa

चांदनी है या कोई मोतियों की माला है – SALIM RAZA REWA : GAZAL

.. चांदनी है या कोई मोतियों की माला है मेरे घर के आंगन में तुमसे ही उजाला है .. उसकी ही हुक़ुमत है उस का बोल बाला है जिसके …

ग़ज़ल : हुस्न-ए-जाना लब की लाली – सलीम रज़ा रीवा

.. हुस्न-ए-जाना लब की लाली रंग धानी फिर कहाँ वो नहीं तो ग़ुंचा-ओ -गुल रात रानी फिर कहाँ .. दोस्तों संग खेलना छुपना दरख़्तों के तले वो सुहानें पल …