Tag: ग़ज़ल

पास हो तुम – शिशिर मधुकर

पास हो तुम दिल के इतने कैसे मैं तुमको छोड़ दूँ जिसमें हैं बस छवियां तेरी वो आईना क्यों तोड़ दूँ अविरल धार स्नेह की जो बहती है जानिब …

” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी )

साहित्य प्रेमियों के लिए ख़ुशी की बात है की साहित्य समूह के कुछ सदस्यों ने एक साथ मिलकर एक पुस्तक ” गुलिस्ताँ ” (साहित्य की फुलवारी ) का सफल …

प्रीत के बिन – शिशिर मधुकर

तुम्हारी प्रीत के बिन तो बड़ा मुश्किल ये जीना है मुझे तो ज़िन्दगी का जाम नज़र से तेरी पीना है ना मेरे मर्ज को समझा ना मेरे दर्द को …

कर्मों के फल – शिशिर मधुकर

किसी के प्रेम की देखो राह अब भी मैं तकता हूँ मेरी उम्मीदें टूटी हैं मगर फिर भी ना थकता हूँ मेरे दिल में ज़रा झांको जख्म अब ही …

गज़ल

जीन्हे भुलने में है…..हमने उम्र गुजारी काश़ हम उन्हें दो वक्त याद आये तो होतें बहाया अश्कों का सागर यादों में जिनके काश़ वो आंसुओं के दो बूंद बहाये …

शब्दों के आँचल में…सी.एम्.शर्मा (बब्बू)

शब्दों के आँचल में भाव छुपा डाले… उनको हो न खबर तो ज़ख्म सिला डाले… कलम उठा कर अपनी उनको दे डाली… जीवन के सब अपने राग मिटा डाले…. …

तेरी आवाज़ – शिशिर मधुकर

तेरी आवाज़ को सुनना सुकूँ एक रूह को देता है शिकायत है मगर मुझको ख़बर तू क्यों ना लेता है प्यार बरसेगा जो तेरा चैन कुछ आ ही जाएगा …

मुहब्ब्त की प्यास – शिशिर मधुकर

मिलन की चाह की देखो फ़कत बातें वो करता है कभी कोशिश करे ना कुछ पास आने से डरता है कोई सच्ची मुहब्बत अब न उसके पास है देखो …

तेरी मुहब्बत – शिशिर मधुकर

मुझे तेरी मुहब्बत ने ही बस जीना सिखाया है जाम उल्फ़त का हौले हौले से पीना सिखाया है मैंने तो ज़िंदगी में आस रखना छोड़ डाला था तेरी बातों …

कर्तव्य की गठरी – शिशिर मधुकर

एक बात मन की दोस्तों तुमको बतानी है कुछ दर्द में डूबी फ़कत अपनी कहानी है ढूंढा जिसे उल्फ़त मुझे न कोई मिल सकी ग़म झेलती देखो तन्हा कब …

एहसास – शिशिर मधुकर

इम्तिहां ले रही है ज़िन्दगी पर मैं भी ना हारी हूँ मेरी ताकत बने हो तुम ज्यों मैं शक्ति तुम्हारी हूँ तू मेरे पास है हर पल मुझको एहसास …

मुहब्बत का असर – शिशिर मधुकर

मुझको एहसास है तुमने मुझे एकदम भुलाया है तेरी खुशबू का झोंका कब से न मेरे पास आया है भले तुम भूल जाओ मैं तुम्हें हरगिज़ ना भूलुँगा जो …