Tag: ग़ज़ल

तू कितनी गजाला है – शिशिर मधुकर

तुम्हारे रूप को अल्लाह ने जिस साँचे में ढाला है मेरी जान जांन लो इसने ही मेरा दम निकाला है तेरी आँखों को तकता हूँ तो मुझको झील दिखती …

वर्षा भादों की – शिशिर मधुकर

घुमड़ घुमड़ के आती हैं घटाएँ तेरी यादों की गिरा जाती हैं जो बिजली सारे टूटे वादों की मैं जन्मों से प्यासा हूँ नहीं ये प्यास बुझती है कोई …

कहाँ से लाऊँ ढूंढ के…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

घर था कभी जो अब मक़ान हो गया… ज़िंदा लाशों का वो शमशान हो गया…. कच्चे घरों में आती थी रिश्तों की खुशबू… पक्के क्या हुए सब सुनसान हो …

मशीनों से बनो – शिशिर मधुकर

मशीनी युग में जीते हो मशीनों से बनो तुम भी कमानों से वो चलती हैं कमानों से चलो तुम भी मशीनें दिल नहीं रखतीं वो चलती हैं या रुकती …

छोड़ दी है………….तेरे ही लिये |गीत| “मनोज कुमार”

छोड़ दी है नौकरी भी तेरे ही लिये लगने लगे चक्कर गली तेरे ही लिये देखा तुझे गाने लगा गीत भी दिल तेरे इस मुखड़े पे ये मरने लगा …

तेरे चेहरे पे तो…….. तोड़ लायेंगे |गीत| “मनोज कुमार”

तेरे चेहरे पे तो हम मर मिट जायेंगे तेरे लिये हम चाँद तारे तोड़ लायेंगे तेरे चेहरे पे तो………………………….. तोड़ लायेंगे किस दुनिया से लायी हो रूप रानी प्यार …

सर झुका लिया – शिशिर मधुकर

संयम का नया सोपान देखो हमने पा लिया तुम सामने खड़े थे फिर भी मुँह घुमा लिया कच्ची नहीँ है प्रीत जो बारिशों में टूट जाएगी यादों में जल …

ज़माना कहता है – शिशिर मधुकर

तुम्हे देखा है सुबह शाम ज़माना कहता है तेरी खातिर हुआ बदनाम ज़माना कहता है बड़ा काबिल था मैं एक दिन सबकी निगाहों में मगर मुझको नहीं अब काम …

कैसे भुला दें हम – शिशिर मधुकर

दिल तुम से लग गया है कैसे भुला दें हम अरमान जो जग गए है कैसे सुला दें हम लाखों जतन किए हैं यहाँ तुमको हँसाने में कैसे खुद …

उनको मनाइये – शिशिर मधुकर

रूठे हुए जनाब हैं उनको मनाइये टूटे हुए से ख्वाब हैं उनको मनाइये ऐसी ना कोई बात है इतने खफा हैं वो आँखों में आफताब है उनको मनाइये सज …

शिकवे किसे कहूँ – शिशिर मधुकर

मुझको तुम्हारे प्यार ने फिर से जिला दिया तेरा करम हुआ मुझे अमृत पिला दिया उजड़े थे मुहब्बत की राहों में जब चले किस्मत ने मुझे तुमसे लेकिन मिला …

पल नहीं लगता….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

ता उम्र लगा रहा दिल अपना बनाने को तुम क्या आये पल लगा इसे बदल जाने को…. तिनका तिनका जोड़ आशियाँ था बनाया उसने… सरफिरों की पलक न झपकी …

६१. आ जाओ इस दिल में…………. सब मस्तियाँ |गीत| “मनोज कुमार”

आ जाओ इस दिल में तुम, खाली हैं कुछ जीबियाँ मैमोरी अभी फुल नही, सेव हैं सब मस्तियाँ आ जाओ इस दिल में……………………………… सब मस्तियाँ गूगल याहू पे खोजा …

६०. अब तो आजा ………………….|गीत| “मनोज कुमार”

अब तो आजा आजा आजा अब तो आजा आजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२ तेरी सूरत बिन देखे अरसा हो गया आजा आजा जानेजा जानेजा आजा आजा……….२ अब तो आजा …

५९ .आइना जैसा………….. जान दिल |गीत| “मनोज कुमार”

आइना जैसा नाजुक है दिल बड़ा कमजोर मेरा है दिल टुकड़े टुकड़े हो जायेगा ये घूरो तोड़ो नही जान दिल आइना जैसा………….. जान दिल इसमें जब भी कोई देखता …

५७. हमने तो सब कुछ खोया ………..जाने के बाद |गीत| “मनोज कुमार”

हमने तो सब कुछ खोया एक तेरे जाने के बाद मैं भी और दिल भी रोया एक तेरे जाने के बाद वीराने गुलशन लगते जब रहते दोनों संग साथ …

मिलन का खेल – शिशिर मधुकर

किसी के साथ में रहते ये ज़माने गुजर गए किसी की धड़कनो में हम पल में उतर गए बड़े अरमानों के संग जिंदगी सौंपी थी हमने आशियाँ सपनो के …

समय आजमाता है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत क्या हुई तुमसे भूल बैठे जहाँ को हम तुम्हारे बिन तुम ही कह दो जाएं कहाँ को हम जुड़े हैं तुमसे कुछ ऐसे सारे तार इस दिल के …

कतराने लगे है लोग — डी के. निवातिया

कतराने लगे है लोग   अब तो किसी को पानी पिलाने से भी कतराने लगे है लोग ! क्या कहे सामूहिक भोज भी मुँह देख खिलाने लगे है लोग …

नफ़रत का अँधेरा – शिशिर मधुकर

जीवन में ये मुकाम जाने कैसा आ गया नफ़रत का अँधेरा मेरे हर ओर छा गया जिससे भी मैंने यहाँ फूलों की आस की हर आदमी मुझको एक नश्तर …