Tag: ग़ज़ल

दिल टूटने का खेल – शिशिर मधुकर

तुम्हारा हाथ क्या पकड़ा ज़माना भर खफा हुआ ना मुहब्बत मिली मुझको ना ही कोई नफ़ा हुआ यूँ तो पहले भी मेरी ज़िन्दगी में रब ना था कोई मगर …

आसमाँ देखता रहा…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

बिखरते रिश्तों का मैं जहॉं देखता रहा… करीने से बना मकाँ देखता रहा…. जिस गुल से थी चमन में खुशियां कभी… बेआबरू होते उसी को गुलिस्ताँ देखता रहा… नज़रों …

घोंसला वो बदनाम — डी के निवातिया

घोंसला वो बदनाम   परिदो से भी बदतर आज का इंसान हो गया ! पाए थे जहा पंख घोंसला वो बदनाम हो गया !! रूह तरसती रही, जिस्म मालमाल …

नसीब की किताब….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)…

सपने सारे डूब गए मेरे आँखों के सैलाब में…. रात जब वो मिले मुझे रकीब संग ख्वाब में…. कुछ दुनिया का सितम कुछ खुदारी मेरी भी … बिक न …

तेरा जो साथ मिलता – शिशिर मधुकर

तेरा चेहरा जो दिख जाता वहीँ बरसात हो जाती बिना बोले ही नज़रो से दिलों की बात हो जाती अगर तुम चाँद के जैसा खुद का श्रृंगार कर लेते …

कसूर इस दिल का है सारा – शिशिर मधुकर

क्या करूँ अपनी हालत का कसूर इस दिल का है सारा मुझे कैदी बनाने का हुनर तो तिल का है सारा मैं तो नदिया का पानी हूँ मचलना मेरी …

माँ से प्यारा…… सुख सारा है |गीत| “मनोज कुमार”

माँ से प्यारा इस जग में ना, हमको कोई प्यारा है माँ की सेवा कर लो, इसके चरणों में सुख सारा है माँ से प्यारा……………………………. सुख सारा है ये …

नागफनी के बीच गुलाब — डी के निवातिया

नागफनी के बीच गुलाब <><><> वो जो नागफनी के बीच गुलाब खिला है। मेरी पाक मुहब्बत का नायाब सिला है।। अहसासों के मधुर पलो से सींचा है इसे तब …

एक मुद्दत हुई तुमसे आँखें मिलाये हुए….सी.एम्. शर्मा (बब्बू) ..

एक मुद्दत हुई तुमसे आँखें मिलाये हुए…. सदियां हो गयी ज़िन्दगी को मुस्कुराये हुए… बारिश अबकी बार होनी ही चाहिए…. अरसा हुआ आँखों में आंसू लहराए हुए… दिल है …

मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं

मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं वो गलिया अब मुनासिब तो नहीं मेरी किस्मत में ना था ख़ुशी का किनारा ये ग़म कि दुनिया ख्वाहिश तो नहीं मेर …

दिल तो दिल है — डी के निवातिया

दिल तो दिल है परिंदो पर बंदिश है उड़ने की, ड्योढ़ी पे ताला पड़ने वाला है जाने कौन बिजली गिरने वाली है, या बादल फटने वाला है !! शहर …

८३. मेरे पापा हैं…………..“मनोज कुमार”

मेरे पापा हैं पापा हैं तो क्या है ? पापा हैं विश्वाश हैं उत्सुकता और आस है शक्ति का संचार है मम्मी का भी प्यार है सबसे अच्छे यार …

कैसे मुकर जाओगे — डी के निवातिया

कैसे मुकर जाओगे +++   ***   +++ यंहा के तो तुम बादशाह हो बड़े शान से गुजर जाओगे । ये तो बताओ खुदा कि अदालत में कैसे मुकर जाओगे चार …

गुलशन में चंद कलियाँ…

गुलशन में चंद कलियाँ अभी भी बाक़ी हैं, ख्वाहिश वो उनसे मिलने की अभी भी बाक़ी है | जलाया था ये सारा शहर किसी ने कभी, शहर में राख …

रात ख़त्म कहाँ हुई है….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

(2122 x 3 प्रभावित ) फिर उसे मैं यूं बुलाने जा रहा हूँ…. मौत का पैगाम लेने जा रहा हूँ… रात ख़त्म कहाँ हुई है आज मेरी… शहर में …

असल पैगाम – शिशिर मधुकर

जिन आँखों में मुहब्बत का नशीला जाम मिलता है उन्हीं सीनों से लगने में ही तो आराम मिलता है जुबां का क्या करोगे झूठ वो तो कह ही सकती …

७३. महोब्बत प्यार की बातें…………….. पास पाओगे |गीत| “मनोज कुमार”

महोब्बत प्यार की बातें, जब ये तुम जान जाओगे मुझे तुम याद कर लेना, खड़ा तुम पास पाओगे महोब्बत प्यार की बातें………………………………….. पास पाओगे हुस्न चमके गुलाबों सा, खिला …

भेद सारे ख़त्म हुए – शिशिर मधुकर

मुहब्बतें तुमसे मेरी जान कम नहीं होंगी चाहे साँसें मेरी ये धीमे से थम रही होंगी बदलती ऋतु में सबका मिजाज बदलेगा बहती नदियां भी पर्वतों में जम रही …