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न भूले तुम न भूला मैं….सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

मोहब्बत में मेरे दिल को ये कैसी बेतबारी है… सुकूत-ऐ-मर्ग तारी है, सबसे राज़दारी है… (खामोशी मौत सी छाई है, सबसे राज़दारी है) ये नीला आसमान खूँ रंग हो …

जज्बा मुहब्बत का – शिशिर मधुकर

तेरा भरोसा आज भी खुलकर ये कहता है जज्बा मुहब्बत का तेरी रग रग में रहता है इन दुनियाँ वालों नें जब मुँह पर जड़े ताले दिल की बातें …

परिवर्तन – शिशिर मधुकर

मुझको यकीं हैं अपने खुदा पे वो लम्हा भी आएगा अपने दिल में बसा के मेरी छवि कोई मुस्कुराऐगा फूल खिलते हैं ऋतुओं में कभी मन की नही होती …

हाल-ए-दिल अपना…सी.एम् शर्मा (बब्बू)….

हाल-ए-दिल हमसे अपना, सुनाया न गया…. दर्द सोया था जो मुश्किल से, जगाया न गया… हर वफ़ा जुर्म हो दुनिया में मुमकिन है कहाँ…. दिल से हर वक़्त तुझे …

अंजाम-1…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)……

दर्दे इश्क़ में यूं मेरे, जज़्बात हो पड़े…. बेख्याल बेवजह, दिल है की रो पड़े…. हर्फो हया से दोस्ती, महंगी पड़ी हमें… जज़्बा-ऐ-इश्क़ खुद के, हम कैद हो पड़े… …

तृष्णा – शिशिर मधुकर

जो जगह मुझको दी तूने वहाँ किसको बसाया है मेरी आँखों में तो अब तक तेरा मुखड़ा समाया है मैं जन्मों का प्यासा हूँ तू जीवन दायिनी सुरसरिता अपनी …

कुछ पल मुस्कुराये होते—डी के निवातिया

तुम अगर मेरी जिंदगी में आये होते तो हम भी कुछ पल मुस्कुराये होते !! न रहते जिंदगी में तुम भी यूँ तन्हा न अकेले में हमने आँसू बहाये …

बेमिसाल – शिशिर मधुकर

मैं तो परेशान हूँ कहो तुम्हारा क्या हाल है लम्बी दूरीयों का क्या तुमको भी मलाल है जब साथ में होते हैं कुछ लहरें सी उठती है दर्द बिछड़ने …

बन्धन – शिशिर मधुकर

वो बन्धन जिनमें प्रेम ना हो होते हैं जहरीले तोड़े बिन उन सबको यहाँ कैसे कोई जी ले अन्दर छुपी हस्ती से ही तो आती है सुंदरता झूठे फरेबी …

बुजदिल – शिशिर मधुकर

तेरी सांसो की महक सांसो में मेरी शामिल है तेरे बिना सफ़र जिन्दगी का बहुत मुश्किल है तेरे हर अंग में मेरी मुहब्बत का पाक मंदिर है ये दिल …

हम तो सिर्फ तुमसे प्यार करते हैं…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

जान तुम पर निसार करते हैं… हम तो सिर्फ तुमसे प्यार करते हैं….. कौन होगा जहाँ में तुम सा हसीं…. हो अगर हम ना ऐतबार करते हैं…. अपनापन लगता …

कुदरत – शिशिर मधुकर

जिंदगी तू भी जाने कैसे कैसे रंग दिखाती है मुझसे नाराज़ हो के मुहब्बत भी दूर जाती है पतंग और डोर को जैसे भी बांधो साधो तुम हवायें साथ …

अगर जो प्रेम ना होता – शिशिर मधुकर

अगर जो प्रेम ना होता कभी के भूल जाते हम तेरी यादों के नगमों को कभी ना गुनगुनाते हम तेरे सीने से लगकर के सदा एक चैन पाया था …

दे कलम को धार — ग़ज़ल-नज्म — डी. के. निवातियाँ

दे कलम को धार अब तलवार बनाना होगा ! भर लफ्जो की हुंकार हथियार बनाना होगा !! जब बात बने ना मान मुनव्वल से, जान लो अपने डंडे की …

सम्पूर्ण कर जाओ – शिशिर मधुकर

तन्हा बैठा हूँ ख्वाबों में अब तुम भी चले आओ अपने पैरों की आहट से तार मन के खनकाओ तुम आते हो मेरा चेहरा खुशियों से दमकता हैं अँधेरों …

गुलशन गुलज़ार से – शिशिर मधुकर

तेरी यादों का ताज महल सींचा हैं प्यार से मुझको सुकून मिलता हैं बस तेरे दीदार से लाख हँसी दिखते हैं इन लम्बी सी राहों में मन झूमा जो …

जीना नहीं आता – शिशिर मधुकर

जाम होता हैं कुछ के सामने पर पीना नहीं आता कुसुम को रौँदने वाले को कभी जीना नहीं आता हीरे तो मिल जाते हैं अक्सर जीवन की राहों में …

क्यूँ रंग बिखरा देख दिल सफाई देता है…सी. एम्. शर्मा(बब्बू)…

धुंआ धुंआ सा ये शहर दिखाई देता है….. हरेक शख्स ही जिस्म की दुहाई देता है…… हरेक बात में चर्चा था मेरे इश्क़ का यहाँ…. क्यूँ आज गुमसुम मौसम …

राज क्या है — ग़ज़ल — डी. के. निवातिया

राज क्या है……… कर दूँ बयान अगर हकीकत तो लाज़ क्या है ! तेरी खूबसूरती के आगे, भला ताज़  क्या है !! अंदर भी कब्ज़ा और पहरा बाहर भी …

है शबाब ये तुम्हारा या फागुन त्यौहार है….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)..

तुम आओगे मिलने ये पैगामे बहार है…. तब से ही आ गया दिल में खुमार है….. क्यूँ दिल सुने अब किसी और की बता… जबसे है तुमको देखा वो …

अगर दिल महोब्बत में…………….. नही होता |गीत| “मनोज कुमार”

अगर दिल महोब्बत में डूबा ना होता रोता ना दिल दिलबर झूठा ना होता करता ना भूल ना जुदा तुमसे होता ना थे नसीब में एतबार नही होता अगर …

सांसें ज़रूरी हैं जैसे तेरे मेरे जीने को…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…

सांसें ज़रूरी हैं जैसे तेरे मेरे जीने को…. लेकिन तू ही ज़रूरी है मेरे होने को… तुम संग न हो जाए रुस्वा मोहब्बत…. दिल है के डरता मेरा आह …