Tag: समसामयिक

आक्रोश – अनु महेश्वरी

जिसे देखो आक्रोश में है। कोई अपनी हताशा दूसरे पे, निकालने में लगा है, या कोई अपनी धौंस दिखाने में। कोई अपने घरवालों पे, कोई दफ्तर के कर्मचारी पे, …

अभिव्यक्ति की आजादी -शिशिर मधुकर

अभिव्यक्ति की आजादी है भाई मैं तो नंगा नाचूँगा देश तोड़ने की बातों को चिल्ला चिल्ला कर बाचूँगा अभिव्यक्ति की खातिर ही पंडित कश्मीर से आए थे महल छोड़ …

कलयुगी भक्ति में शक्ति

कलयुगी भक्ति में देखि शक्ति अपार, तभी तो बन बैठे वो महान ! कितने मुखड़े छिपे इन चेहरो में, इससे विचलित है स्वंय भगवान !! लूट खसोट कर अमीर …

जनसंख्या वृद्धि (व्यंग) – शिशिर मधुकर

चार बीबी और चालीस बच्चे जनसंख्या वृद्धि के जिम्मेदार है कितना बड़ा झूठ एक नेता नें यहाँ खुल कर फ़िर से कह दिया ज्यादा बीबी और ज्यादा बच्चों से …

कलयुगी कृष्ण – शिशिर मधुकर

कल शाम टी वी देख बड़ा आनन्द आ रहा था मोर पंख धारी लालू सुत बाँसुरी बजा रहा था कलयुगी कृष्ण का लगा अवतार फ़िर हुआ है विवेकी जनों …

गरीब बेटी की शादी – शिशिर मधुकर

भारत की राजनीति यकायक महान हो गई गरीब बेटी के विवाह की चिंता आम हो गई मैं तो समझता था इसे शिव शक्ति का मिलन नेताओं के लिए तो …

खन्ना – शिशिर मधुकर

एक हुआ करते थे खन्ना दिन भर शोर मचाते थे भ्रष्टाचार के बारे में नित जनता को समझाते थे भोली भाली जनता में उनकी नौटंकी खूब चली चालू चेलों …

बेलगाम प्रेस – शिशिर मधुकर

विधायिका कार्यपालिका न्यायपालिका और प्रेस ये सच्चे लोकतंत्र के सभी बड़े महत्वपूर्ण अंग हैं यदि कोई भी इन चारों में से बेलगाम हो जाए तो प्रजा के सुख चैन …

भूख से क्यों मरते हैं – शिशिर मधुकर

सभ्यता का राग अलापो ना देखो तुम सब ने क्या कर डाला इंसान दूर किया कुदरत से और दें दिया लालच ईर्ष्या घोटाला तभी तो आज हम सब जानवरों …

रोशनी मिलती नहीँ – शिशिर मधुकर

अब कहाँ होली दिवाली और कहाँ वो सिलसिले त्योहार बेमानी हुए आपस में जब ना दिल मिले दीप जलते है सभी फ़िर भी रोशनी मिलती नहीँ प्रेम का जब …

मायावती ने कहा – शिशिर मधुकर “

मायावती ने लखनऊ में कहा मुसलमान बँटे तो भाजपा आ जाएगी इसलिए उन्हे बस एक बहुजन समाज पार्टी को ही वोट देना चाहिए मैं उनसे पूर्णतया सहमत हूँ और …

संज्ञान ये लें लेंगे – शिशिर मधुकर

हे प्रभु हम भारत वासीयों पर अपनी एक कृपा कर दो सुप्रीम कोर्ट के जजों के घर में सारी परेशानियों भर दो तब कम से कम जनता की पीड़ा …

गद्दारो का कुछ करना हैं – शिशिर मधुकर

भारत की रग रग में गर ताकत हम सबको भरना हैं सबसे पहले घर में बैठे इन गद्दारो का कुछ करना हैं भारत को जब चोट लगे तो जो …

आदरणीय शाहबुद्दीन – शिशिर मधुकर

न्याय सत्ता प्रशासन जब किसी के अधीन हो गया समझो वो शख्स तो आदरणीय शाहबुद्दीन हो गया ग्यारह वर्षों की कैद का उन पर असर ना था कोई ऐसे …

मेरा भारत तरक्की कर रहा है-शिशिर मधुकर

मेरा भारत तरक्की कर रहा है और इक्कीसवीं सदी की बातें कर रहा है विश्व का जन मानस भी अब इसकी शक्ति का पूरा एहसास कर रहा है अपने …

सत्तर सालों से – शिशिर मधुकर

जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है बार बार क्यू बतलाते हो ऐसा कह कह कर खुद तुम इसे एक विवादित मुद्दा जतलाते हो अगर ये अभिन्न अंग है …

संत मदर टेरेसा – शिशिर मधुकर

दबे कुचले और बीमारों की सेवा में जो जीवन लगा दे ऐसा व्यक्ति इस जहाँ में कभी आम नही हो सकता है जब तक दिल निष्पाप दया करुणा से …

परिचय- शिशिर मधुकर

आजकल सड़को पर नए नए पोस्टर बधाईया दे रहे है नेतागिरी के शौक कुछ लोगों में फ़िर अंगड़ाई लें रहे है जितने अधिक कोई पोस्टर पूरे शहर बीच में …

कर्त्तव्य पूरा निभाएंगे – शिशिर मधुकर

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बाढ़ से तबाही मुख्य मंत्रियों ने अफसरों के साथ समीक्षा की उत्तर प्रदेश में सभी नदियों का जलस्तर बढ़ा मुख्यमंत्री और उनके चाचा एक …

उन्नति की इच्छाएं – शिशिर मधुकर

छोटी से सफलता से देश में जो लहर दौड़ जाती हैं वो देशवासियों की उन्नति की इच्छाए ही बताती हैं पर कुछ गुंडे बेईमानों ने सारा समाज ऐसा तोड़ा …