Tag: Bharat Jain

जुआरी दांव पर खुद को लगाने आज बैठा है…

हार कर घर बार सारा सुख, पाने आज बैठा है, जुआरी दांव पर खुद को लगाने आज बैठा है। नहीं बाकी रही कीमत तेरी, तेरी ही नज़रों में, जो …