Tag: बाबुल /दर्द का रिश्ता/बेटी

३७. जीवन का आधार है बेटी………… “मनोज कुमार”

जीवन का आधार है बेटी सुख शक्ति संसार है बेटी बदल देती जो दुनिया को ऐसा एक बदलाव है बेटी अत्याचार करो नही इनपे दुर्गा की अवतार है बेटी …

२७. हैप्पी बर्थ डे………. “मनोज कुमार “

हैप्पी बर्थ डे सृष्टि आज ११/०९/२०१६ को मेरी प्यारी गुडिया सृष्टि का जन्म दिन है जो की आज पांच वर्ष की हो रही है | उस नन्ही परी के …

घर घर ऐसे दिए जलाए – शिशिर मधुकर

जिस समाज ने नारी को पुरुषों से कमतर आका हैं विपदाएं वहाँ भरी पड़ी हैं सुख आकर नहीं झांका हैं सकल विश्व में शांति आए आओ ये संकल्प उठाए …

बेटियों की आमद – शिशिर मधुकर

कोई भी प्रीत रिश्तों की जहाँ पूरी ना होती हैं उन्ही अंगनो में तो बेटियों की आमद होती हैं लूट लेती है सारा प्रेम वो इस रिश्ते के रूप …

कलि को फूल बनते देखा है ……..

मैंने कलि को फूल बनते देखा है काँटों के दामन में घिरे होने के बाबजूद भी खिलखिलाते देखा है मैंने ऐसी एक कलि को फूल बनते देखा है !! …

५. लड़को से बढकर है लड़की……………. ||गीत ||– “मनोज कुमार”

लड़को से बढकर है लड़की, हर लड़की गुलशन | गंगा सी पावन है ये, गंगा सी निर्मल || …………….. इनसे है संसार हमारा, महके घर आंगन| इनसे है जीवन …

१. नटखट चंचल शर्मीली……………………. ||गीत ||– “मनोज कुमार”

नटखट चंचल शर्मीली सी , मूरत सी सुन्दर प्यारी सी | मम्मी की पापा की भोली सी , छोटी है गुडिया कोमल सी || नटखट चंचल शर्मीली सी …………… …

बेटी के जन्मदिन पर ……………..(कविता)

साथियो ! आज ३ नवम्बर को मेरी प्यारी बेटी हैप्पी (ख़ुशी ) का जन्मदिन है, उसके लिए छलकते प्यार को शब्दों में पिरोना चाहता हूँ ! और उसे आप …

बेटियों को जन्मदिन आशीर्वाद – शिशिर “मधुकर”

यह कविता मैंने अपने एक मित्र की भतीजी “मिस्टी” के लिए उसके पहले जनम दिन पर भेंट स्वरुप लिखी थी. वर्तमान कविता में मिस्टी नाम की जगह बेटी शब्द …

खुद से दूर – शिशिर “मधुकर”

इतना क्यों चाहा तुमने मुझसे मैं खुद से कितना दूर हो गया जिन्दा रखने आशाए तुम्हारी सब सहने को मजबूर हो गया इस प्यार ने जीवन में मुझको हरदम …

बेटी का मोह -शिशिर “मधुकर”

ओ मेरी अपनी माँ की आँखों की ज्योति तुम हो मेरे इस जीवन की सच्ची मोती तुमको पाकर मैंने इस एहसास को जाना पिता बेटी का भावुक बंधन क्या …