Tag: सूरत

ग़ज़ल (दुनियाँ जब मेरी बदली तो बदले बदले यार दिखे)

हिन्दू देखे ,मुस्लिम देखे इन्सां देख नहीं पाया मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे में आते जाते उम्र गयी अपना अपना राग लिए सब अपने अपने घेरे में हर इन्सां की एक …

प्यार ने तो जीबन में ,हर पल खुशियों को बिखेरा है

खुशबुओं की बस्ती में रहता प्यार मेरा है आज प्यारे प्यारे सपनो ने आकर के मुझको घेरा है उनकी सूरत का आँखों में हर पल हुआ यूँ बसेरा है …

गज़ल (तुमने उस तरीके से संभारा भी नहीं होगा)

तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमको तुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगा तुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती है मेरे पास तुम होगें …