Tag: सुरेन्द्र नाथ सिंह की गजल

हर शख्स बेगाना

न जाने क्यूँ सुनसान, प्यार का मयखाना है अपने ही शहर में हर शख्स लगे बेगाना है!! पार्टियाँ भी घरों में होती है अकेले अकेले लोग होटलों को जाते, …