Tag: सावन पर कविता

सावन

बीता आषाढ़ मास आया सावन मेघ झरे श्यामल नभ से छन छन चहुँ ओर नव पल्लव लेता जीवन पथ प्रशस्त सृजनता का हर क्षन उमड़े घन घनघोर घिरा व्योम …