Tag: समां

समां

आते तो हैं लोग मिलने को मुझे मुस्कुराहटों से अपनी छलने को मुझे कहते हैं समां हूँ जिन्दगी की उनकी छोड़ देते हैं दरवाजों पर पिघलने को मुझे