Tag: शेरो-शायरी

भँवर – डी के निवातिया

  भँवर से निकलूँ तो किनारा मिले, ज़िंदगी को जीने का सहारा मिले बड़ी उलझन में है हर एक लम्हा काश किसी अपने का सहारा मिले !! ! डी …