Tag: (वर्ण पिरामिड)

मौन…..सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

तुम मौन हो बोलो कुछ जानते नहीं तुम तुम्हारे न बोलने से रिश्ता टूट रहा है हमारा दरार पड़ रही है दिलों में भगवान् के लिए कुछ बोलो मेरी …

चलो मेरे संग…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

स्पर्श आईना है अंतर्मन का प्यार, घृणा का अपने होने न होने का ज़िन्दगी में जीवन बाकी है मौत अभी जीती नहीं है हमसे आह्वान है संभलने संभालने का …

भोले भण्डारी — डी के निवातिया

आ जायेंगे भोले भण्डारी हे नाथ हमारे दर्शन दे काज सँवारे तुम ही खिवैया जीवन की नैया के आकर पार उतारे तन मन सब अर्पण हम खुद को तुमपे …

मैं हिंदी भाषा…………..वर्ण पिरामिड ……….(डी के निवातियाँ )

मैं हिंदी भाषा हूँ दुनिया में मेरी अपनी एक पहचान भारतीय होने का मुझको सदैव गर्व हूँ हिंदुस्तान की मैं जान ।। हाँ कुछ व्यक्ति इस शंका में रहते …

आजादी वर्ण पिरामिड …..

ऐ मेरे वतन आजादी के पावन पर्व पर मेरा शत शत नमन जिन वीरो ने आजादी के लिये प्राणों की आहुति उन्हें भी कोटि कोटि नमन ।। ये पर्व …

मैं और तुम …….(वर्ण पिरामिड)

मैं और तुम थे उस हंसी रात चांदनी के साये में गुम सोया था सारा जहां चिर निंद्रा की आगोश जैसे चढ़ा काल की भेंट सारा का सारा शहर …