Tag: मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कैसे कहें – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कैसे कहें हम कैसे कहें किसी से …………………………… के हमको उनके दीदार की चाहत नहीं ये दिल तो तड़पता रहता है हर पल ………………….. उनकी इक झलक पाने के …

मौसम – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मौसम रूप खिल गया है और भी तुम्हारा ……………. इस खुश गवार मौसम में कैसे सम्भालें हम खुद को …………………… तुम्हारी जान लेवा अदाओं से बचने के लिए शायर …

बेवफा-ए-मोहब्बत-II

मैंने तेरी हर बात पे हामी भरी, चाहे मुझे मंजूर हो या नहीं भी , तेरे इख्लास की इक़्तिज़ा में इज़्तिरार इतना के , मैंने बिन इख्त़ियार के इतिबार …

खुदा करे – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

खुदा करे ख़त्म हो गए हैं सारे लफ्ज़ तारीफ करने के लिए उसके हुस्न की खुदा करे के अब वो आँखों से ही समझ ले मेरे मोहब्बत भरे दिल …

मशहूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मशहूर हुस्न वालों से दोस्ती करके मशहूर तो हम भी हो गए ………………………. चर्चे जब होते हैं उनके हुस्न के तो ज़िक्र हमारा भी आ ही जाता है ………………… …

मदहोश – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मदहोश अपनी मस्त आँखों से पिला के उसने हमें मदहोश कर दिया ……………………. अब तड़पते हुए ढूंढ रहा हूँ उन आँखों को फिर से मदहोश होने के लिए ……………………. …

सादगी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

सादगी महफ़िल में हुआ करते हैं चर्चे तेरे हुस्न के ………………….. वल्ला तेरी सादगी पे कौन ना मर जाये …………………….. शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

दर्द – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दर्द हुस्न वालों का दर्द हम समझ तो सकते हैं पर बयाँ कर नहीं सकते ……………………………………. के कितनी तकलीफ होती है उन्हें अगर उनके हुस्न की कोई तारीफ ना …

रेत का घरौंदा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

रेत का घरौंदा हज़ारों ख्वाइशें लेकर के दिल में हमनें की थी तुमसे मोहब्बत पर इक इक अरमान तोड़ दिया तुमने रेत का घरौंदा समझ कर शायर : सर्वजीत …

नींद – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नींद नींद हमारी ले गए वो ………………………………. अपनी हसीन मुस्कराहट के साथ आँखें तो पथरा सी गई हैं अब ………………………………… बस उनके इंतज़ार में शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

आग – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

आग वो तो बुझाये से भी ना बुझेगी ……………………… लगी है जो आग मोहब्बत की दिल में मिलेगा सुकून तड़पते हुए इस दिल को ………………… जब बरसेगा का प्यार …

तबाह – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

तबाह सफल हो के तेरी मोहब्बत में तबाह कर ली हमनें अपनी ज़िन्दगी ………………….. अगर असफल हो जाते तो अच्छा होता बस इक प्यार भरा दिल ही तो टूटता …

अन्जानी राह – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

अन्जानी राह दो कदम चलना भी मुश्किल है किसी अन्जानी राह पर ………………………………. लेकिन सदियों से चल रहा हूँ मैं मोहब्बत की तलाश में …………………………………………. शायर : सर्वजीत सिंह …

दिलभर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दिलभर मोहब्बत कर के जाना ये हमने कि मोहब्बत भी क्या चीज़ है चाहे लाख दर्द दे दे ये दुनिया जो हंस हंस के सह ले ज़िंदगी क्या चीज़ …

दीवानगी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दीवानगी दीवानगी की हद से गुज़र जाने का दिल करता है उसकी हर इक बात पे जाँ लुटाने का दिल करता है ………………………………….. उसकी खूबसूरती बयाँ कर सकता नहीं …

बेरुखी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

बेरुखी ज़िंदगी भर उनकी बेरुखी को निभाते चले गए हम ………………………… पर जब हमनें बेरुखी दिखाई तो वक़्त ना लगा उनको मुँह फेर के जाने में …………………………………. शायर : …

महफ़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

महफ़िल ए बेवफा तेरा मुहँ फेरना भी हमें तड़पा ना सका ………………………………. क्योंकि महफ़िल में हसीं हैं ओर भी बहुत हमसे दिल लगाने के लिए …………………………………………. शायर : सर्वजीत …

अहसास – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

अहसास प्यार अपना बदला नहीं इस बदलते मौसम में ………………………….. पर देखिये मौसम का असर अहसास बदल गए ……………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

नाज़ुक – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नाज़ुक बहुत नाज़ुक होता है रिश्ता मोहब्बत का जो ज़रा सी ठेस से ही टूट जाता है …………………. चाहे लाख वादे कर लो साथ जीने मरने के पर ज़रा …

हसरत – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हसरत मेरी हसरत थी कि उनका प्यार मिले ……………………………………. उनकी हसरत थी कि मुझ जैसा यार मिले आग बराबर लगी थी दोनों तरफ मोहब्बत की ……………………………… फिर भी ना …

मगरूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मगरूर मैं तो डरता हूँ उसकी तारीफ़ करने से ……………………….. के कहीं वो ओर भी मगरूर ना हो जाये हम तो दीवाने हैं उसके हुस्न के ……………………………………… लगता है …

कबूल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

कबूल सकून मिलता नहीं सिर्फ उसे देख लेने से …………………… उसको बाहों में भर लेने का दिल करता है ना जाने मेरी मोहब्बत उसे कबूल हो के ना हो …