Tag: मेरा ठिकाना —४—मुक्तक —-डी. के. निवातियाँ

मेरा ठिकाना-४—मुक्तक —-डी. के. निवातियाँ

मैं भक्ति और प्रेम का दीवाना हर एक शै: में है मेरा ठिकाना ढूंढने वाले  ढूंढ ही लेते है मुझे घट घट रहता बनके रखवाला !! ! !! !!! …