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नकाब—मुक्तक—डी. के. निवातियाँ

अच्छा हो,या बुरा, सही गलत का कौन यहां  जिम्मेदार है जिस रहबर का उठाओ नकाब दीखता वो ही गुनेहगार है व्यस्त है सभी के सभी अपने नुक्स सवारने – …