Tag: मानवतावादी कविता

पिताजी का चश्मा

पिताजी देकर गए थे मोटे काँचवाले चश्मा उसे याद रखने के लिए मेरे लिए उसका अंतिम उपहार उस चश्मा से देखता था धनी -निर्धन, छोटा -बड़ा अन्धा -लँग़ड़ा सबको …