Tag: माँ को नमन

माँ तूझे भूला ना पाया – आलोक पान्डेय

माँ! एक दिवस मैं रूठा था बडा ही स्वाभिमानी बन , उऋण हो जाने को तुमसे भी विरक्त हो जाने को, त्यागी बन जाने को ! घर त्याग चला …