Tag: भारत विनय

अजब हो रही है…गज़ब हो रही है ….VINAY BHARAT

अजब हो रही है…गज़ब हो रही है अजब हो रही है गज़ब हो रही है देखूँ तुझे तो गज़ल हो रही है तेरा यूँ लटोँ को लपकना झटकना मेरा …

दूसरा पिता वृक्ष

दूसरा पिता वृक्ष….. ……………………  काव्य विनय भारत शर्मा जब लगाया था उसे  कहाँ पता था आज होगा बड़ा इतना  देगा फल  फूल पात्तियाँ काश दादा होते आज देखकर उसे  …