Tag: भक्ति रचना

चहूँ ओर गुलाल बिखरे…सी.एम.शर्मा(बब्बू)

पावन धरती हो अपनी पावन हों सब के मन सब  ही  झूमें नाचें  गाएं भूलें तन  ओ मन प्रेमभरी पिचकारी हो मन महका गुलाब हो चहूँ ओर गुलाल बिखरे …

भोले भण्डारी — डी के निवातिया

आ जायेंगे भोले भण्डारी हे नाथ हमारे दर्शन दे काज सँवारे तुम ही खिवैया जीवन की नैया के आकर पार उतारे तन मन सब अर्पण हम खुद को तुमपे …