Tag: भक्ति को परिभाषित सरल भाषा में करना है तो वो ये है कि सत्य ही धर्म है !

अनजाने में ही सही ईश्वर का हो रहा है नित्य-प्रतिदिन अपमान ! – अनुभव पर आधारित लेख

हम और आप ईश्वर की भक्ति अपनी श्रद्धा,नियम,कायदे के अनुसार करते तो है लेकिन ये नियम और श्रद्धा को पोषित कौन करता है इस पर कभी गौर नही करते …