Tag: बेरुखी

बेरुखी -डी के निवातिया

बेरुखी *** करके बेवफाई, खुद को, नज़रें मिलाने के काबिल समझते हो बात बात पर देकर दुहाई मुहब्बत कि, हम ही से उलझते हो कहाँ से सीखा हुनर, इश्क …

बेरुखी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

बेरुखी ज़िंदगी भर उनकी बेरुखी को निभाते चले गए हम ………………………… पर जब हमनें बेरुखी दिखाई तो वक़्त ना लगा उनको मुँह फेर के जाने में …………………………………. शायर : …