Tag: बुढ़ापे पर कविता

जिन्दगी अधूरी है

जिन्दगी अधूरी है ************** बाप देखो बुढ़े हैं माँ भी देखो बूढ़ी है सेवा सत्कार बिना जिंदगी अधूरी है । वक्त की दुहाई देता कारवां ये जा रहा जिसको …