Tag: बरसात पर कविता

आ जाओ तुम बरखा रानी

आ जाओ तुम बरखा रानी सूरज का पहरा कड़ा है यह अपनी पर अड़ा है सरहद पर प्रहरी खड़ा है तपन ने सबको झकड़ा है बुलाते तुम्हे सब व्यथित …