Tag: नीलामी

नीलामी……

इंसान से ज्यादा आज इंसानियत बदनाम होती है जिस्म हँसता है बाहर ,रूह अंदर ही अंदर रोती है पत्थर के भगवानो की होती दिन रात पहरेदारियां इंसानो के जिस्म …