Tag: नारी पर मत्त सवैया

नारी (मत्त सवैया या राधेश्यामी छंद)

नारी तुम! सुकुमार कुमुदुनी सौम्य स्नेह औ प्रेम प्रदाता धरती पर हो शक्ति स्वरूपा तुम रण चंडी भाग्य विधाता।। संस्कारों की शाला तुम हो तुम लक्ष्मी सावित्री सीता सत्कर्म …