Tag: नादान परिंदा

नादान परिंदा………..

मैं आया नादान परिंदा अनजान की तरह ! लौट जाऊँगा एक दिन मेहमान की तरह !! क्या सहरा,क्या गुलिस्ता, हूँ सब से वाकिफ कट जायेगा ये भी सफर जाते …