Tag: दोहा

सेल्फ़ी रे

सेल्फ़ी ले-ले घूमता, मानव विविध प्रकार। कैसी उमंग मन में जगी, इच्छा अतृप्त अपार।।1 सेल्फ़ी अब जा चढ़ि, खींची जो तस्वीर। छवि मनोहर जो मिली, नयन कटीले तीर।।2 सेल्फ़ी …

दोहा : गुरु

गुरुपूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुजी के श्री चरणों मे समर्पित चंद दोहे…. ======================= साढ़ मास की पूर्णिमा,गुरु पूनम कहलाय । गुरू ज्ञान की जोत से,तम को दूर भगाय …