Tag: दिवाली पर कविता (रंजीत कुमार झा)

एक दिवाली ऐसी भी हो

एक दिवाली ऐसी भी हो, दीप जले अंतर्मन में। अंधकार सब मिट जाए, हो प्रकाश मनुज-मन में । अहंकार सब धुल जाये, निर्मल-नीर बहे जन में। एक दिवाली ऐसी …