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तुम ——-(डी के निवातियाँ)

फूलो में खिलता गुलाब तुम कलि में झलका निखार तुम बागो में छाई कोई बहार तुम सितारों में चमकता चाँद तुम जवाँ हुस्न निखरा शबाब तुम बहकी अदाओं की …