Tag: छंद – कुंडलियां

पिया मिलन की आस…सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

II कुंडलियां II मन मेरा बिना घुँघरू, नाचे क्यूँ छम छम     I जलधार मेरी आँखें, बिना बादल छम छम   II बिना बादल छम छम, उठे है दिल में …

सन्मार्ग पर धर तू पग..सी.एम्.शर्मा (बब्बू)..

IIछंद – कुंडलियांII पग धर नभ पर चलत ही, ऊंची रही उड़ान… तन मन से जब कट गया, गैर हुआ इंसान… गैर हुआ इंसान, मन प्रेम मोल न जाना…. …