Tag: छंद – कुंडलियां

सन्मार्ग पर धर तू पग..सी.एम्.शर्मा (बब्बू)..

IIछंद – कुंडलियांII पग धर नभ पर चलत ही, ऊंची रही उड़ान… तन मन से जब कट गया, गैर हुआ इंसान… गैर हुआ इंसान, मन प्रेम मोल न जाना…. …