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हैरां हूं:Er. Anand Sagar Pandey,”अनन्य देवरिया”

**********हैरां हूं***********   ऐ वक्त ! तेरे बदले हुए दस्तूर पे हैरां हूं, जो जख्म हुआ नासूर उसी नासूर पे हैरां हूं l     अब भी भटकता है …