Tag: गुरु पर कविता

गुरु महत्ता

जग सारा मिटटी सदृश्य पड़ा गुरु कृपा से बनता सुघर घड़ा नर ज्ञान ले देव पंक्ति में खड़ा बन निर्भय उच्च शिखर चढ़ा संसार गोविन्द को जान न पाता …

गुरु………………..

गुरु गुरु सब कहे, जाने न गुरु का मान ! गुरु कृपा जो पाये उसे मिले उच्च स्थान !! एक गुरु कबीर के ऐसा दिया उनको ज्ञान ! अनपढ़ …