Tag: ग़ज़ल – सलीम रज़ा रीवा

ग़मों की लज़्ज़त चुराके लेजा – सलीम रज़ा रीवा

.Nov18 ग़मों की लज़्ज़त चुराके लेजा मेरी मसर्रत चुराके लेजा या ज़ौक़-ए-उल्फ़त चुराके लेजा या दिल की हसरत चुराके लेजा oo क़दम क़दम पर उजाला बन कर ये साथ …

सबसे छोटा क़ाफ़िया, और सबसे लंबी रदीफ़ की ग़ज़ल – SALIM RAZA REWA

जब, तुम्हारी मोहब्बत में खो जाएंगे बिगड़ी क़िस्मत भी इक दिन संवर जाएगी लब, तुम्हारी मोहब्बत में खो जाएंगे बिगड़ी क़िस्मत भी इक दिन संवर जाएगी oo तुम मेरे …