Tag: क्षणिकाएँ

इंतज़ार-1….सी.एम्.शर्मा (बब्बू)….

(क्षणिकाएं) १. बूँद फूल पे… लरजती सी… घबराहट में… ख़त्म होने की… २. माँ की आँखें सूनी… राह भी सूनी… सूने दिल की… आह लबों पे… ३. भाव भंवर… …

१५ क्षणिकाएँ—क्षणिकाकार: महावीर उत्तरांचली

(१.) तार ———– आत्मा एक तार है जोड़ रखा है जिसने जीवन को मृत्यु से और मृत्यु को जोड़ा है … पुन: नवसृजन से …. (२.) क्रांति ————- परत-दर-परत …