Tag: कहमुक़री

विधा : कहमुक़री

सुबह शाम   मैं   उसे   रिझाऊँ नैन पलक पर  जिसे    बिठाऊँ बिन  उसके   दिल    है  बेहाल क्यों सखि साजन?ना गोपाल घड़ी – घड़ी   मैं   राह   निहारूँ सुबह  शाम  …