Tag: कवि: शिवदत्त श्रोत्रिय

बहुत बेशर्म है या ज़िद्दी

वो लड़का जो कभी किताबों से मोहब्बत करता था सुना है, आजकल मोहब्बत में किताबें लिख रहा हैं पहले रास्ते की किसी सड़क के किसी मोड़ पर या शहर …

कैसे जान पाओगे मुझको

कैसे जान पाओगे मुझको अगर तुमने प्रेम नही किया तो कैसे जान पाओगे मुझकोकिसी को जी भरकर नही चाहा किसी के लिए नही बहाया आँखों से नीर  रात भर …