Tag: एक मतला/शेर

मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं

मेरे दर्द से तुम वाकिफ़ तो नहीं वो गलिया अब मुनासिब तो नहीं मेरी किस्मत में ना था ख़ुशी का किनारा ये ग़म कि दुनिया ख्वाहिश तो नहीं मेर …