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चिड़िया

शाम बढ़ती जा रही थी बेचैनी उमड़ती जा रही थी शाख पर बैठी अकेली दूर नजरों को फिराती कुछ नजर आता नहीँ फिर भी फिराती चीं चीं करती मीत …

ये कैसा प्यार – प्यार और सम्मान किसी समय,तारिक और परिस्थिति विशेष के मोहताज नही !!

आज स्कूल,कालेजो में बहुत अच्छा प्यार देखने को मिल रहा है ???? ! लड़का-लड़की कॉलेज के पास खोके के दुकान में सिगरेट,दारू और न जाने कौन सी नशीली पदार्थ का सेवन …