Tag: आतंकवाद पर कविता

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले

छोर छोर वार थोरा प्यार बांट ले जिवन के है दिन चार अपने जुल्म थाम ले कभी सोचता है उनपर क्या बीतती है बात जिनकी गोद सूनी और जो …