Tag: अभिलाषा

पूरी जंगल मेरी चाह- आशीष भारद्वाज

बड़ी उम्मीदों के साथ निकले थे हम कुछ अरमां कुछ सपनें लिए दूर तलक चलते रहे अपनी आसमां को ढूंढते हुए अंधेरों से आगे बढ़ते हुए रौशनी से गुजरते …