Author: vijaykr811

माँ-बाप

तले है जिसके बचपन खेला तले है जिसके हुआ जवान देख आँखों में आंसू आते गिरता अब वो वृक्ष विशाल जड़े है इसकी कितनी गहरी कितने लम्बे इसके है …

आजादी

देश की हर आबादी ने,मांगी थी अपनी आज़ादी क्या ये आज़ादी बस थी अंग्रेजी हुकूमत तक अंग्रेजी हुकूमत से आज हर आबादी आज़ाद है फिर भी भारतवंशी आज दाने-दाने …

दिवाना एक बेवफा का

तेरी बेवफाई के लिए भी सेज़ मै सजाऊंगा तेरी ख़ुशी के लिए,अपनी ख़ुशी का जनाजा मै उठाऊंगा दुनिया भी देखेगी , तेरी इस बेहयाई को तेरी चुनरी से अब,अपना …

मजहब

सवाल थे कुछ लोगो से पूछने जवाब दो तब हम समझे क्यों जाति-मजहब में लड़ते हो इंसान होकर भी, इंसानो का खून बहाते हो अगर जो जाति मजहब होता …

माँ

इस दुनिया में खोला जब,आँख मैंने था पहली बार सबसे पहले तुझको देखा ओ मेरी प्यारी सी माँ मुंह को खोला इस दुनिया में,जब मैंने था पहली बार सबसे …