Author: Shishir "Madhukar"

चुप से रहते हैं – शिशिर मधुकर

हमेशा बोलने वाले हम आज चुप से रहते हैं तुम्हें कैसे बताएं दिल में कितनी पीर सहते हैं हमें तो मिल के लूटा है यहाँ पे ख़ास अपनों ने …

यादों के चिराग़ – दीप्ति गोयल

महकता है ये तन मेरा जब भी ख़्याल आता है जेहन में तेरा दूर रहकर भी ना टूटे तुझसे मन का वो नाता है मेरा। गुज़रेगा वक्त बदलेंगे हम …

लकीर – शिशिर मधुकर

आधी अधूरी चाहत यहाँ बस पीर देती है बेबसी में डूबी हुई अक्सर तकदीर देती है ज़िन्दगी जिसके निकट तन्हा सी रहती है ना मिटने वाली वो तो एक …

घावों की पीड़ा – शिशिर मधुकर

हर तरफ़ आग नफ़रत की यहाँ मुझको जलाती है मेरी रूह चैन पाने को ही तो बस तुझको बुलाती है इस कदर मुझको तोड़ा है ज़माने भर में अपनों …

राहत नहीं होती – शिशिर मधुकर

बदल जाए समय के संग जो चाहत नहीं होती तन्हा रहना पड़े जीवन में तो राहत नहीं होती काश उनसे उल्फ़त की हम आदत बदल पाते ये रूह इस …

गर्म लावा जो बहता है- शिशिर मधुकर

तेरे दीदार को दिल हर घड़ी बेताब रहता है तू खुश रहे हरदम खुदा से बस ये कहता है संग तन्हाई के जीना कभी आसां नहीं होता पीड़ा बिछड़ने …

दोस्त – शिशिर मधुकर

बुरे वक्त में भी जो तुम्हारा साथ ना छोड़े और राहों से हटा दे सब मुश्किल भरे रोड़े किस्मत से मिलता है जीवन में ऐसा दोस्त ऐसे रिश्ते को …

विश्वास पूरा है – शिशिर मधुकर

भले तुम दूर हो मुझसे मगर विश्वास पूरा है तेरे बिन ये सपनों का जहाँ एकदम अधूरा है सुरक्षा तेरी हस्ती की सदा नज़दीक रहती है किसी भी आँख …

मुहब्बत और भरोसा- शिशिर मधुकर

मुहब्बत में दीवाने जन…जिस घड़ी बात करते हैं प्रणय के देवता तब…फूलों की बरसात करते हैं किसी के मन में बस जाए छवि जो कोई हौले से बसर उसके …

वो इत्तफाक नहीं – शिशिर मधुकर

मेरे हाथों में तेरा हाथ… जब भी आता है मैं दिल के पास हूँ तेरे..पता चल जाता है तेरे सीने से लग…मुझको सुकून मिलता है सारे ग़म छोड़ के…ये …

चुप रहने वाले – शिशिर मधुकर

सदा चुप रहने वाले जिससे खुल के बात करते हैं बसर उसकी मुहब्बत में ही वो दिन रात करते हैं दिल के हाथों यहाँ मजबूर… सारे हो ही जाते …

बस रिश्ते निभाने में – शिशिर मधुकर

गुज़र जाती है सारी उम्र बस एक प्यार पाने में मुझे तो हार मिलती आई है संगदिल ज़माने में मुहब्बत के लिए मैं ज़िन्दगी भर प्यास से तड़पा सुबह …

तेरा यूँ दूर रहना – शिशिर मधुकर

नशा तेरी मुहब्बत का मुझको हैरान करता है तेरा चेहरा मेरे ख़्वाबों में आ परेशान करता है मुद्दतें हो गईं इस बज़्म में शिरकत ना की तूने तेरा यूँ …

हर घड़ी ख़ास होती है (२) – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं घड़ी हर ख़ास होती है दौर अच्छे बुरे तो हर किसी जीवन में आते हैं …

हर घड़ी ख़ास होती है – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ज़िंदगी में जब किसी के पास होती है उमंगें दिल में रहती हैं हर घड़ी ख़ास होती है ज़िंदगी जीने की खातिर दूर रहना भी पड़ता है मिलेंगे …

अभी उम्मीद बाकी है – शिशिर मधुकर

समझ में आ गया मुझको यहाँ ना कोई साकी है मिलेगी कोई तो हाला अभी उम्मीद बाकी है बिना रोके जिसमे पिस रहा है हर पल यहाँ इंसान ज़िन्दगी …

एक ऐसा पाश है – शिशिर मधुकर

प्यार की मुद्दत से फक़त मुझको तलाश है खाली पड़ी सब झोलियां सूना आकाश है शक्ति जहाँ शिव को ही ना आधार दे सके सृष्टि वहां चलती नहीं और …

झूठी शान – शिशिर मधुकर

चाहा बहुत मुझको मगर सच्चा प्रेम ना मिल सका ज़िंदगी सूनी रही और उल्फ़त का गुल ना खिल सका सोचा बहुत मैं दर्द अपना दूसरों से ना कहूं पीड़ा …

बात क्या करें – शिशिर मधुकर

मुहब्बत ना हो जब बीच में तो फिर बात क्या करें तड़पे ना जो मिलन को उससे मुलाक़ात क्या करें दिन ही जब इस शहर में मुश्किलों से गुज़रता …