Author: shrija kumari

सिक्किम की सैर

गौर से देखी मैंने सिक्किम की ख़ूबसूरती हर पर्यटक का मन मोह लेने वाली मनमोहक आकृति चाहे हो छोटी नदी धाराओं का उनकी जीवन धारा तीस्ता से मिलन या …

इंसानियत…… The Ultimate Fight

न जाने कितनी चोटें खायी मैंने न जाने कितने स्वांग रचवाए मैंने……   कभि ठेकेदारों के गुट ने मेरा बलात्कार किया कभि नेताओं ने मेरा रूह तार-तार किया….   …

कसक तुम्हारे प्यार की

संग संग यूँ चलूँ तेरे बन जाऊं तुम्हारी मै परछाई प्रीत तुम्ही से हर गीत तुम्ही से तुम ही हो मेरी ज़िन्दगी के सौदाई हाथ मेरा यूँही थामे रखना …

जन्नत-ए-कश्मीर

खूबसूरती तो तुम्हारे हर नज़ारे में है चमक उठने की चाहत एक एक सितारे में है खुदा ने जो नूर बक्षा है तुम्हे करिश्मा तो उनके हाथों के कारगुजारे …