Author: shivam verma

ग़म से नहीं मरता

भरी महफिल में मैं तुझको यू रुस्वा क्यों नहीं करता, जो तूने गम दिए हैं उनको साझा क्यों नहीं करता, यह मोहब्बत है कोई खेल नहीं गुड्डू गुड़ियों का, …

देखो एक सच्चा इंसान मिल गया अब जाकर देश को सही प्रधान मिल गया

 देखो एक सच्चा इंसान मिल गया अब जाकर देश को सही प्रधान मिल गया जो बैठे रहते थे चुपचाप आवाज उठाने वाला राम मिल गया भ्रष्टाचार का अब अंत …