Author: शशिकांत शांडिले

लेकिन सीमा होती है ……..

माना कि संस्कार तुम्हारा विवेक कभी न खोना है कोई कितना कड़वा बोले काम मगर सह जाना है लेकिन भैया कब तक ऐसे आँख मूंदकर बैठोगे अधिकार अपने हिस्से …

सच्ची मुहब्बत ……….

मुहब्बत शिद्दत की निगाह है दर्द में भी चाहत बेपनाह है खुदा की इबादत जैसे मुहब्बत दुनियां के लिये ये गुनाह है मुश्किलें है हजारों माना मगर मुहब्बत में …

अजी सुनिये जनाब ………

बहुत ठगा है भैया तूने अपने बोल बचन से धीरे से क्यों पल्ला झाड़े अपने ही वचन से बेवकूफ़ क्या तूने जानी जनता भारत देश की धीरे धीरे देखेगा …

कृष्ण मोहे माफ़ कर ………

कृष्ण मोहे माफ़ कर मैं ना करू पूजा मोहे नाही जान तोरी ना ही कोई दूजा तू ठहेरो चक्रधारी मानव मै छोटा तोसे मेरो मेल नही भक्त नही खोटा …

तेरी मेरी कहानी …….

ये जो तेरी मेरी कहानी है लगने लगी पुरानी है जाने कहां गुम हैं वो रातें सिर्फ तेरी निशानी है क्यों दूरियां आ भी जाओ रात कैसी नूरानी है …

न होना कभी जुदा ………

चाहत मेरी बेगानी मुहब्बत मेरी आशिकी तुम्हारी इबादत न होना कभी जुदा न चाहो मुझे ये तुम्हारी है मर्जी मेरी दिल्लगी है मेरी खुदगर्जी न होना कभी जुदा मंजिल …

न मैंने ख्वाब देखा हैं न मैंने दिल लगाया है (ग़ज़ल काव्य)

न मैने ख्वाब देखा हैं न मैने दिल लगाया है हक़ीक़त जान कर मैंने मुहब्बत को भगाया है बड़ी बेकार है इसकी पकड़ तुम हात ना आना बड़ी बेख़ौफ़ …

बड़ी मुश्किलों से बखत है गुजारा ◆◆◆◆◆

निगाहें तुम्हारी करे है इशारा हमें लग रहा है मगर नागवारा बड़े घाव हमनें भरे है अभी तक नहीं चाहिये अब किसीका सहारा भले लग रहा हो हसीं चाँद …

आज कल हालात है नासाज दिल के ~~~~~

ढूंढता रहता हूं मैं अल्फाज़ दिल के जाने क्यों गुम हो गए अंदाज दिल के रूबरू जो हो गए हो आज मुझसे हाल-दिल कर लो बयां नाराज़ दिल के …

मुहब्बत का हमने जाम ले लिया ! (गजल काव्य)

मुहब्बत का हमने जाम ले लिया , जुदाई इबादत का दाम ले लिया !! वो खुश है अकेले हो हमसे जुदा , तो हमने भी आखरी सलाम ले लिया …

==* दिल समझाये कभी कभी *==

रुक्सत करी जो सूरत याद आयें कभी कभी सपनों में आकर मुझको तड़पायें कभी कभी मुस्कान आज भी दिलमे है उनकी बसी हुई उनकी प्यारी बाते आँख भर लायें …

==* है जिंदा कहानी वो *==

उस चुंबन में मेरे थी शिद्दत मुहब्बत की मगर तूने मानी वो आदत मुहब्बत की हमेशा ही मनमे थी चाहत मुहब्बत की मगर तू न जानी इबादत मुहब्बत की …

मुहब्बत

तू मुहब्बत की कोई तस्वीर होती बड़े प्यार से मै गले से लगाता अगर तू मूरत हकीकत की होती मेरे घर में तेरा मंदिर बनाता —————–//**– शशिकांत शांडिले, नागपुर …

==* मेरी आरजू *==

स्वच्छंद फिजाओं में खिलखिलाती हंसी हो मानलो जिंदगी चाँद तारों में जा बसी हो दरबदर भटकती कहानियाँ अब कहा रही हो नया सवेरा, नई उड़ान न कोई बेबसी हो …

★★दिल किसीका कभीभी दुखाया न जायें★★

दिल किसीका कभीभी दुखाया न जायें जख्म दिलका किसीको दिखाया न जायें हो मोहोब्बत छुपीसी किनारो पे दिल के पार दिलके कभीभी बहाया न जायें   दिल किसीका कभीभी …

==* नजफ़ हैदर की पढ़ाई *==

नजफ़ हैदर जेएनयू में इतिहास के प्रोफ़ेसर है उनके बोल पर मेरे बोल…………. नजफ़ हैदर बोल रहे है पद्मावती एक कहानी है पद्मावत साहित्य से आई ऐतिहासिक परछाई है …

◆Mind न करो भाई◆

लो अब आजम बतायेंगे क्या थे काम राजपूतों के पूछे जरा बापसे अपने कारनामे राजपूतों के संभल कर बात कर पगले कहीं न हो म्यान खाली अभी सोये नही …

==* उसे भारत भूमि कहते है *==

जहाँ देश को दर्जा माँ का है जहाँ माँ को देवी कहते है जहाँ भावनाओं की गंगा बहती उसे भारत भूमि कहते है ।।   जहाँ भाँति भाँति की …

==* जहाँ मैं खड़ा था *== (गजल)

नजारा नशीला जहाँ मैं खड़ा था गवारा नही लौटना मैं खड़ा था नदी सामने बेतहाशा हसीं थी न मंजूर वो भापना मैं खड़ा था जरासा डरा मैं तजुर्बा न …

==* याद मे ये नैन रोये यार आजा *==

(गजल ) वृत्त: मंजुघोषा गालगागा गालगागा गालगागा याद तेरी रोज आये यार आजा याद में ये नैन रोये यार आजा सामने है वो नजारे लौट आने प्यार तेरा और …