Author: shaktideen

एक खत

सोचा कि आज आपके नाम एक खत लिखूं। जज्बात का कलम लिया और अश्कों कि स्याही से भरकर तेरी याद लिखने बैठा पर लिखूं क़्या ये सोचता रहा, कहाँ …

क्यूँ

तेरी याद हर दम सताती है क्यूँ दीवाना मुझे ये बनती है क्यूँ कोई नज़्म लिख कर के खामोश हूँ मैं ये जज़्बात में मुझको लाती है क्यूँ हवा …

काश तुम कंप्यूटर होतीं !

तुम्हारे दिल कि हार्ड डिस्क में अपनी मोहब्बत के कई फोल्डर बनाकर सेव कर देता ! तुम्हारी याद तुम्हारे साथ बीते हर, हर लम्हे को सेव कर देता ! …

दूसरों के दिल पे भरोसा किया करते हैं !!

दूसरों से दिल लगा कर हम अपना दिल क्यों  तोड़ा करते हैं  ! पर ना जाने क्यों हम अपने  नहीं  दूसरों के दिल पे भरोसा किया करते हैं !! …