Author: satyashilrai

गुरु भक्ति करने वाले पार हो जाते हैं

गुरु भक्ति करने वाले पार हो जाते हैं, दर्शन दर्शन गुरु का दर्शन पाते हैं झोली खुशियों से अपनी भर ले जाते हैं, रहमत रहमत गुरु की रहमत पाते …

कृपा बनाये रखना, हम तो तुम्हारे बालक

कृपा बनाये रखना, हम तो तुम्हारे बालक सर पे हाथ रखना, कृपा बनाये रखना कृपा बनाये रखना, कृपा बनाये रखना ….. यादों में तेरी गुरूवर, गुजरे ये जीवन सारा …

मेरे गरुदेव गुरुदेव मुझको तुम देना सहारा

गुरुदेव मुझको तुम देना सहारा, कभी न छूटे ये दामन तुम्हारा तेरी कृपा को झुठलाती है दुनिया, झूठे आरोपों को सच समझती है दुनिया नहीं देखूँ दुनिया का झूठा …

गुरुदेव ही मेरे भगवान ….

गुरुद्वार मेरा, मंदिर है मेरा, गुरुदेव ही मेरे भगवान शरणम् गुरु की सार….. जो भी आया यहाँ सब पाया यहाँ, गुरुदेव हैं करुणानिधान शरणम् गुरु की सार….. गुरु विष …

कृपा सिन्धु सदगुरु जो समझा रहे हैं …

कृपा सिन्धु सदगुरु जो समझा रहे हैं वो वाणी भुलाना महामूढ़ता है बड़े भाग्य से ऐसा अवसर मिला है निरर्थक बिताना महामूढ़ता है जो बड़भागी गुरु में है प्रीति …

गुरुदरश करूँ हरदम मुझे आस ये रहती है

गुरुदरश करूँ हरदम मुझे आस ये रहती है नहीं दरश करूँ जब तक बेचैनी सी लगती है हर पल गुरु के दीदार का इंतज़ार रहता है हर पल तुम्हे …

मेरे गुरुवर, तेरी दया हम भूल न पायें

मेरे गुरुवर, दया तेरी हम भूल न पायें तेरे बातों को हम गा-गा सबको सुनायें तेरा वो सत्संग सुनाना, ज्ञान की बातें हँसना हँसाना वो प्यारी अदायें, बहुत याद …