Author: sarvajit singh

नूर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

नूर लाखों चिराग जलाये थे हमने राहों पर तेरे आने की खबर सुनकर पर सारा आलम फ़ीका हो गया तेरे चेहरे के नूर से सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

हादसा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

हादसा महोब्बत की राह पर चलना शुरू किया तो पता लगा के बहुत टेढ़े मेढ़े हैं रास्ते जिसे देखकर समझ आया के सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी और दुर्घटना …

भंवर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

भंवर अपने प्यार की नैया के खेवैया तो हमीं थे फिर दोष दें किसको ……………….. के हमें डूबो दिया मोहब्बत के भंवर में ……………………. सर्वजीत सिंह sarvajitg@gmail.com

ख्वाहिश – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख्वाहिश दिल की ये ख्वाहिश थी ……………… कि मैं तेरी हर ख्वाहिश पूरी करूं पर मुझे मालूम ना था …………………… कि तेरी ख्वाहिश तो है सिर्फ मुझे बर्बाद करने …

तेरे इन्तज़ार में – सर्वजीत सिंह

तेरे इन्तज़ार में सुबह से शाम हो गई तेरे इन्तज़ार में अब देर ना करो तुम अपने दीदार में यहाँ पर तो लोग आते जाते बहुत हैं कोई खलल …

मोहब्बत का मारा – सर्वजीत सिंह

मोहब्बत का मारा मोहब्बत को तेरी हमने नकारा नही पर तेरी बेरूखी भी हमें गवारा नहीं सुबह शाम किया है बस तुझे सजदा फिर भी लब से नाम तेरा …

प्यार की दिवाली – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

प्यार की दिवाली दीपों का त्योहार है दिवाली हंसी खुशी और प्यार है दिवाली ………………. मोहब्बत का रंग जब चढ़े किसी पर फिर दिलभर का इज़हार है दिवाली ……………………. …

राज़ – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

राज़ दिल का हर राज़ मैं आज तुमको बता दूंगा ……………………. पर शर्त ये है के तुम भी अपना दिल खोल कर रख दो ………………………. शायर : सर्वजीत सिंह …

मंज़िल – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

मंज़िल कई बार घबरा जाता है ये दिल देख कर ज़िन्दगी की मुश्किलें …………………… पर कभी मैं टूटा नहीं हौसला छोड़ा नहीं क्योंकि लगता है के मंज़िल बहुत करीब …

अश्क़ – मेरी शायरी ……. बस तेरे लिए

अश्क़ अश्क़ बहुत बहाये मैंने तेरी मोहब्बत में ……………… पर मुद्दत के बाद जाना के तू पत्थर का ईक बुत है …………………….. ! ! ! शायर : सर्वजीत सिंह …

गलतफहमी – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

गलतफहमी दिल की ये तमन्ना थी कि हमसफ़र मिले कोई अपने जैसे मिज़ाज का मिल तो गया लेकिन अब पछता रहा हूँ ये सोच सोच कर कि कितनी बड़ी …

ठोकर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ठोकर ठोकर ना मारो मुझे रास्ते का पत्थर समझ कर ………………… अगर किस्मत ने उठा के मंदिर में रख दिया तो मैं पूजा जाऊँगा …………………………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

जन्नत – सर्वजीत सिंह

जन्नत राहों में भटक रहा था मैं तुमने मुझे सहारा दे दिया मेरी डूबती हुई कश्ती को तुमने किनारा दे दिया मोहब्बत करके जाना मैंने कितनी रोशन है जिंदगी …

ग़म ज़दा – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ग़म ज़दा कोई आवाज़ ना दो मुझको ………………… अब मुझे कुछ सुनाई ही नहीं देता क्योंकि दिल के टूटने के बाद ……………………. ग़म ज़दा हुआ पड़ा हूँ मै शायर …

झंकार – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

झंकार दिल धड़कने लगता है बड़ी जोर से सुनके तेरी पायल की झंकार ……………… ज़रा आहिस्ता आहिस्ता चला करो कुछ वक़्त तो मिले बेकरार दिल को संभालने का ……………… …

दस्तक – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

दस्तक सीने में उठा है इक पुराना दर्द आज फिर से ………………… लगता है के दिल के दरवाजे पे मोहब्बत ने फिर से दस्तक दी है ……………….. शायर : …

ख़बर – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

ख़बर ख़बर उसके आने की सुन कर …………………. दिल झूम उठा पागल हो कर पर इस नासमझ को कौन समझाये ……………………… के अभी तो उससे …. अपनी जान पहचान …

चाह – मेरी शायरी……. बस तेरे लिए

चाह दिल की ये चाह थी के बहुत प्यार करेंगे हम अपनी चाहत से ………………….. पर जिसको चाहा हमनें उसकी चाहत कोई ओर था …………………….. शायर : सर्वजीत सिंह …

दिल की हालत – सर्वजीत सिंह

दिल की हालत कब तक छुपायोगे दिल में छुपी बात आँखें तो हमेशां बयां कर ही देती हैं वो तेरा दांतों तले उंगुली दबाना वो तेरी पायल का छनक …